पोडियम पर बैनर अंग्रेज़ी में साफ है: मध्यप्रदेश के लिए गैर-कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन घटाने के रास्ते, एक बहु-क्षेत्रीय आकलन। 7 सितंबर 2026, स्वच्छ वायु दिवस, भोपाल। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप सिंह अहिरवार ने रिपोर्ट का विमोचन किया और कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में जलवायु और पर्यावरण पर उल्लेखनीय पहल हुई है।

उन्होंने इंदौर की स्वच्छता, सतत् अपशिष्ट प्रबंधन और कार्बन क्रेडिट का राष्ट्रीय उल्लेख किया। राज्य में लगभग 7.6 लाख हेक्टेयर पर जैविक खेती बढ़ाने की बात कही। स्वच्छ परिवहन, इलेक्ट्रिक वाहन नीति, नवकरणीय ऊर्जा और हरित शहरी विकास को आगे बढ़ते क्षेत्र बताया। ये वाक्य सरकार की दिशा के हैं। उसी भाषण में उन्होंने जोड़ा: केवल नीति काफी नहीं, जिलेवार-क्षेत्रवार वैज्ञानिक जानकारी चाहिए।

रिपोर्ट किसने लिखी, मंच पर कौन बोला?

आभार में जलवायु परिवर्तन केंद्र एप्को की टीम, इंस्टीट्यूट फॉर गवर्नेंस एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट, टेरी और विशेषज्ञ हैं। कार्यपालन संचालक एप्को हर्षल पंचोली ने स्वागत किया। तकनीकी सत्रों में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व सदस्य-सचिव डॉ. बी. सेनगुप्ता, टेरी नई दिल्ली और गेटवे रिसर्च के निदेशक निमीश सिंह रहे। ट्रांसबाउंड्री प्रदूषण पर भी सत्र हुआ। विमोचन अध्ययन खोलता है; किसी जिले का नया AQI इसमें नहीं छपा।

तस्वीर पोडियम की क्यों?

फ्रेम में मंत्री पोडियम पर हैं, बगल में रिपोर्ट का कवर और बैठक का मंच। यह निगरानी यंत्र, चौराहा या इंदौर का कचरा संयंत्र नहीं। कण रिपोर्ट को रिपोर्ट कहता है।

मुख्य बातें

  • रिपोर्ट एप्को, IGSD, टेरी और सहयोगियों ने तैयार की; अहिरवार ने जिलेवार वैज्ञानिक अध्ययन की जरूरत बताई।
  • राज्य में लगभग 7.6 लाख हेक्टेयर जैविक खेती को बढ़ावा दिए जाने का उल्लेख मंत्री के भाषण में है।
  • तकनीकी सत्रों में पूर्व सीपीसीबी सदस्य-सचिव बी. सेनगुप्ता, टेरी और गेटवे रिसर्च शामिल रहे।

स्रोत और संदर्भ

  1. मध्य प्रदेश जनसंपर्क · मध्यप्रदेश में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहल हुई है : राज्यमंत्री श्री अहिरवार ↗7 सितंबर 2026

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 17 सितंबर 2026।

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