अत्यधिक बारिश के बीच चरखी घाटी की पहाड़ी पर 220 केवी रीवा–सीधी ट्रांसमिशन लाइन का एक जरूरी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। 21 अगस्त 2026 की सरकारी सूचना के अनुसार, आकाशीय बिजली के आघात से टेंशन टावर की डिस्क स्ट्रिंग खराब हुई थी। रास्तों पर जलभराव, टूटे मार्ग और फिसलन के बावजूद रीवा तथा सीधी की MP Transco रखरखाव टीमें औजार और सामग्री लेकर स्थल तक पहुँचीं।
दो स्रोत पहले ही सीमित थे
उस समय 220 केवी अमरकंटक–सीधी लाइन भी फॉल्ट में थी। सीधी को सामान्यतः अमरकंटक पावर हाउस और RUMS की सौर परियोजना से आपूर्ति मिलती है; रीवा तक भी सीधी के रास्ते अमरकंटक और सौर स्रोत की बिजली आती है। दोनों लाइन संबंधी स्थितियाँ एक साथ बनने पर रीवा और सीधी मुख्यतः सौर स्रोत पर निर्भर हो गए थे। इसी वजह से शाम से पहले मरम्मत पूरी करना महत्वपूर्ण था।
पहाड़ी तक सामान, फिर लाइन बहाल
रीवा और सीधी की संयुक्त टीम ने भारी उपकरण पहाड़ी टावर तक पहुँचाए और डिस्क स्ट्रिंग का सुधार किया। MP Transco के मुताबिक अंधेरा होने से पहले लाइन फिर चालू कर दी गई। सहायक अभियंता अजय चौरसिया और गोरेलाल साहू के निर्देशन में काम हुआ। बारिश में वहाँ तक पहुँचना और उपलब्ध दिन के उजाले में सुधार पूरा करना इस बहाली के दो हिस्से थे।
मुख्य बातें
- खराबी 220 केवी रीवा–सीधी ट्रांसमिशन लाइन के चरखी घाटी क्षेत्र में हुई।
- आकाशीय बिजली से एक टेंशन टावर की डिस्क स्ट्रिंग क्षतिग्रस्त हुई।
- टीम ने अंधेरा होने से पहले मरम्मत पूरी कर लाइन फिर चालू की।
स्रोत और संदर्भ
- मध्यप्रदेश जनसम्पर्क विभाग / MPInfo · रीवा और सीधी को लंबे विद्युत व्यवधान से बचाया : ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ↗21 अगस्त 2026
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 16 सितंबर 2026।



