प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने पालघर की Ceramat को 3D-प्रिंटेड बोन ग्राफ्ट विकसित करने और उनके व्यावसायीकरण के लिए वित्तीय सहायता दी है। परियोजना में मानक और हर रोगी की जरूरत के अनुसार अलग आकार वाले ग्राफ्ट प्रस्तावित हैं।
जैव-सिरेमिक से डिजिटल डिजाइन तक
देश में बने कैल्शियम फॉस्फेट जैव-सिरेमिक इस्तेमाल होंगे। कंपनी डिजिटल लाइट प्रोसेसिंग यानी DLP और एक्सट्रूजन-आधारित 3D प्रिंटिंग, दोनों तरीके अपनाने की योजना बना रही है। इनसे जटिल और रोगी-अनुरूप आकार तैयार करने हैं।
Ceramat अभी पारंपरिक प्रक्रियाओं से बोन ग्राफ्ट और दाने बनाती है। TDB की इस परियोजना का लक्ष्य मौजूदा उत्पादन क्षमता को डिजिटल डिजाइन वाले, रोगी के अनुसार तैयार ग्राफ्ट तक बढ़ाना है।
मुख्य बातें
- परियोजना पालघर की Ceramat चला रही है।
- दो 3D प्रिंटिंग विधियां इस्तेमाल होंगी।
- रोगी-अनुरूप उत्पाद अभी व्यावसायीकरण का लक्ष्य है।
स्रोत और संदर्भ
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 15 सितंबर 2026।



